पिछले कुछ समय से झारखंड में एक बात तेजी से फैलाई गई —
👉 अब पेंशन सीधे ₹2500 महीना मिलने वाली है
गांवों से लेकर सोशल मीडिया तक यही चर्चा रही।
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को लगा कि सरकार अब सच में बड़ी राहत देने जा रही है।
लोगों को उम्मीद थी कि इस बार सरकार पेंशन राशि बढ़ाकर जीवन आसान बना देगी।
हर तरफ यही कहा जा रहा था कि विधानसभा सत्र में इसका ऐलान तय है।
विधानसभा से उम्मीद, लेकिन निकली निराशा
सबकी निगाहें टिकी थीं झारखंड विधानसभा पर।
यही वो जगह थी जहां से पेंशन बढ़ाने का फैसला आना था।
लेकिन सत्र खत्म हो गया।
❌ ₹2500 पेंशन पर कोई घोषणा नहीं
❌ कोई सरकारी आदेश नहीं
❌ कोई नई स्कीम नहीं
पूरा माहौल बनाया गया था कि बड़ा फैसला आने वाला है, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं बदला।
फिर ये ₹2500 पेंशन की बात चली कैसे?
असल में कुछ राजनीतिक बयान, कुछ अधूरी खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट मिलकर एक बड़ी उम्मीद बना दी गई।
लोगों को लगा कि सरकार ने मन बना लिया है।
लेकिन हकीकत ये है कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह दूसरी तरफ थीं।
सारा बजट चला गया मैया योजना में
सरकार ने भारी फंड झोंक दिया मंईयां सम्मान योजना में।
इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई और इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च हुए।
राजनीतिक नजर से यह योजना सरकार के लिए फायदेमंद साबित हुई।
लेकिन इसी वजह से बाकी सामाजिक योजनाओं पर असर साफ दिखने लगा।
स्कॉलरशिप तक रुकी हुई है
आज हालात ये हैं कि:
• हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति अब तक नहीं आई
• गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई छोड़ने की सोच रहे हैं
• कई महीनों से भुगतान अटका पड़ा है
जब सरकार छात्रों का पैसा समय पर नहीं दे पा रही,
तो अचानक पेंशन ₹2500 महीना बढ़ा देना कितना मुश्किल होगा — ये साफ समझ आता है।
जमीन पर पेंशन की असली हालत
आज भी झारखंड में:
✔ कई बुजुर्गों को समय पर पैसा नहीं मिलता
✔ कहीं दो-तीन महीने बाद एक साथ भुगतान होता है
✔ लोग रोज ब्लॉक ऑफिस के चक्कर काटते हैं
और ऊपर से दावा किया गया कि पेंशन ₹2500 महीना कर दी जाएगी।
असल में पुराना सिस्टम जैसे-तैसे चल रहा है।
जनता को फिर उम्मीद में क्यों डाला गया?
झारखंड में पहले भी कई बार योजनाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए।
शुरुआत में जोरदार प्रचार हुआ, लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ गया।
₹2500 पेंशन का मामला भी कुछ ऐसा ही बन गया।
लोगों को सपना दिखाया गया
उम्मीद जगाई गई
और आखिर में कुछ भी नहीं मिला।
क्या आगे पेंशन बढ़ सकती है?
फिलहाल सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं दिख रही।
पहले ही कई योजनाओं में भारी खर्च हो चुका है।
कई विभागों का भुगतान लंबित है।
ऐसे हालात में पेंशन को अचानक ₹2500 महीना करना आसान नहीं लगता।
जब तक बजट और सरकारी आदेश सामने नहीं आते, तब तक सब सिर्फ चर्चा ही है।
निष्कर्ष: Jharkhand Pension 2500 Rupees अभी सिर्फ बातों में
सीधी और साफ सच्चाई यह है:
👉 ₹2500 महीना पेंशन लागू नहीं हुई
👉 विधानसभा से कोई फैसला नहीं आया
👉 पैसा दूसरी योजनाओं में खर्च हो चुका है
👉 स्कॉलरशिप तक रुकी हुई है
मतलब साफ है
जो उम्मीद लोगों को दिखाई गई थी, वह फिलहाल हकीकत नहीं बनी।